1000 विदेशी कंपनियां आने वाली है चीन छोड़कर भारत

कोरोना वायरस से दुनिया को ऐसा नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई मुश्किल है लेकिन इस नुकसान से एक बड़ा फायदा यह हुआ कि चालबाज चीन का चालाक चेहरा दुनिया के सामने आ गया है।


मिली जानकारी के अनुसार कोरिया, जापान और अमेरिका सहित कई पश्चिमी देशों की कंपनियां अब चीन के शहरों से अपना बोरिया-बिस्तरा समेत कर भारत में डेरा डालने वाली हैं। इंतजार सिर्फ इस बात का है कि भारत में कोरोना का कहर खत्म हो और वो भारत का रुख करें। एक मोटे अनुमान के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइसेज, टेक्सटाइल्स तथा सिंथेटिक फैब्रिक्स का प्रोडक्शन करने वाली लगभग 1000 कंपनियों के प्रतिनिधियों में अपनी यूनिट्स लगाने के लिए भारत सरकार से संपर्क किया है।


इन कंपनियों के प्रतिनिधियों और भारत सरकार के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है।


एक अनुमान के अनुसार आने वाले कुछ महीनों में ही भारत में अरबों-खरबों डॉलर का निवेश होने वाला है। कंपनियों के साथ ही देश में नौकरियों के बंपर बनने वाले हैं। जिससे भारत की अर्थव्यवस्था भी तेजी से बढ़ेगी।


ये कंपनियां भारत को वैकल्पिक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देखती हैं और सरकार के विभिन्न स्तरों के समक्ष अपना प्रस्ताव पेश कर चुकी हैं, जिनमें विदेश में भारतीय दूतावास तथा राज्यों के उद्योग मंत्रालय शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने कहा, 'वर्तमान में लगभग 1000 कंपनियां विभिन्न स्तरों जैसे इन्वेस्टमेंट प्रमोशन सेल, सेंट्रल गवर्नमेंट डिपार्टमेंट्स और राज्य सरकारों के साथ बातचीत कर रही हैं। भारत सरकार के अधिकृत सूत्रों के मुताबिक 'सरकार इस बात को लेकर आशान्वित हैं कि कोरोना वायरस महामारी नियंत्रण में आने के बाद भारत के लिए कई फलदायक चीजें सामने आएंगी और भारत वैकल्पिक मैन्युफैक्चरिंग गंतव्य के रूप में उभरेगा। जापान, अमेरिका तथा दक्षिण कोरिया जैसे कई देश चीन पर हद से ज्यादा निर्भर हैं और यह साफ दिख रहा रहा है। इन देशों की कंपनियां भारत की ओर रुख करने वाली हैं।


देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल सितंबर में एक बड़े फैसले के तहत कॉर्पोरेट टैक्स को घटाकर 25.17 फीसदी कर दिया था। नई फैक्ट्रियां लगाने वालों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स को घटाकर 17 फीसदी पर ला दिया था, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में सबसे कम है। कॉर्पोरेट टैक्स रेट में कटौती के साथ-साथ देशभर में लागू जीएसटी से भारत को उम्मीद है कि वह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अच्छा-खासा निवेश आकर्षित करेगा। चीन से उठ भारत आ रही कंपनियों के लिए भारत सरकार कुछ और रियायत और सुविधाओं पर भी विचार कर रही है।


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