24 सालों तक पाकिस्तान में रहा भारत का इकलौता गांव

पाकिस्तान इस्लामी गणतंत्र या सिर्फ़ पाकिस्तान भारत के पश्चिम में स्थित एक इस्लामी गणराज्य है। 20 करोड़ की आबादी के साथ ये दुनिया का छठा बड़ी आबादी वाला देश है। यहाँ की प्रमुख भाषाएँ उर्दू, पंजाबी, सिंधी, बलूची और पश्तो हिन्दी हैं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और अन्य महत्वपूर्ण नगर कराची व लाहौर रावलपिंडी हैं।
आज हम बात करेंगे भारत के एक ऐसे गांव के बारे में, जो 24 सालों तक पाकिस्तान में रहा, लेकिन 1971 के युद्ध में इसे भारत ने अपने आप में शामिल कर लिया।
हम जिस गांव की बात कर रहे हैं, वह कश्मीर का गांव है, जो अब लद्दाख में पड़ता है। इस गांव का नाम है तुरतुक गांव, इस गांव में निवास करने वाले लोगों की संख्या अधिकतम मुसलमानों की है, इस गांव में प्राकृतिक सुंदरता के साथ कई तरह के प्राकृतिक खूबसूरती भी मौजूद हैं।एक समय था, जब यहां से भारत-चीन, रोम और पारस तक का व्यापार होता था। लेकिन आजादी के बाद जब यह पाकिस्तान में शामिल हुआ, तो इस गांव में बाहरी लोगों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। चुकी यह बॉर्डर के काफी समीप में था, इसको पूरी तरह से अलग कर दिया गया था।
जब यह गांव पाकिस्तान के कब्जे में था, तब बलूचिस्तान के इलाके में आता था, आपको बता दें, यहां पर एशिया से तुर्किस्तान के याकुबू वंश के शासकों ने राज किया था, करीब 800 से 1600 वर्ष तक यहां पर राज किया।
अब इसे भारत में शामिल कर लिया गया है।


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