भारत की ताकत का अंदाजा शायद तुर्की को नहीं था, तभी तो इतनी बड़ी गलती कर बैठा

भारत और तुर्की के बीच इस समय रिश्ते कुछ अच्छे नहीं चल रहे हैं, जहां पर तुर्की पाकिस्तान के साथ कश्मीर मुद्दे पर खड़ा है। तो वही भारत इसको लेकर कई बार तुर्की को और अन्य देशों को यह चेतावनी दे चुका है, कि कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा है। इसमें किसी अन्य पक्ष का हस्तक्षेप मंजूर नहीं।


फिर भी तुर्की के राष्ट्रपति पाकिस्तान दौरे पर हाल ही में आए थे, जहां पर उन्होंने कहा- कश्मीर जितना भारत के लिए महत्वपूर्ण है, उतना ही पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण हैं।



इसके बाद भारत ने सख्त लहजे में तुर्की को चेतावनी दी थी, लेकिन बार-बार कश्मीर मुद्दे पर तुर्की का हस्तक्षेप जबरदस्ती करना, अब भारत को पसंद नहीं है।


भारत ने अपना मन बना लिया है कि वह तुर्की को सबक सिखा कर रहेंगे।



अंदरूनी सूत्रों के हवाले से जो खबर सामने निकल कर आ रही है, उसमें कहा जा रहा है कि मोदी सरकार यह प्लान बना सकती है कि, भारत और तुर्की के बीच 2.3 अरब डॉलर की जो डील, तुर्की की कंपनी एआईएस के साथ हुई है, उससे भारत अपना पैर पीछे खींच सकता है।



आपको बता दें, भारत इस डील में तुर्की के जिस कंपनी द्वारा नौसेना के लिए पांच जहाज बनाने में हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की मदद करने वाली है। वह कंपनी भारत के जहाजों की डिजाइन, तकनीक की मदद के लिए संपर्क किया गया था। लेकिन तुर्की के राष्ट्रपति के इस कदम से शायद तुर्की को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है,आगे भी शायद ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं, अगर तुर्की के राष्ट्रपति ने अपनी जिद नहीं छोड़ी तो।


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