श्रमिक स्पेशल ट्रेन: वो सारे जवाब जो आप जानना चाहते हैं, जाने


  • ट्रेन में किराए का भुगतान संबंधित राज्य सरकारें करेंगी

  • प्रत्येक यात्री को सिर्फ 50 रुपये का भुगतान करना है

  • हर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में 24 कोच होंगे

  • एक कोच में 72 की जगह अब सिर्फ 54 यात्री ही करेंगे सफर

  • विशेष ट्रेन से भेजने का निर्णय केवल राज्य सरकार के पास है


 


विस्तार


कोरोना वायरस के चलते देशभर में लागू लॉकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाने का काम शुरू हो चुका है। 1 मई यानी मजदूर दिवस के मौके पर रेल मंत्रालय ने स्पेशल श्रमिक ट्रेन चलाईं गईं। सरकार अब इन्हीं रास्तों से दूसरे शहरों में फंसे छात्रों, पर्यटकों और अन्य लोगों को भी उनके घर तक पहुंचाएगी।इस बीच हर कोई यह जानने को उत्सुक था कि इन स्पेशल ट्रेनों से वो कैसे जा सकते हैं? टिकट मिलेगी? स्टेशन तक कैसे पहुंचा जाएगा? क्या कहीं रजिस्ट्रेशन करवाना होगा? दरअसल, इन ट्रेनों में सिर्फ वही व्यक्ति सफर करेगा, जिसे राज्य सरकार अनुमिती देगी।


श्रमिक स्पेशल ट्रेन के बारे में अहम जानकारियां



 



  1. यात्रा के लिए अपने गृह राज्य में आवेदन करना होगा, फिर स्थानीय प्रशासन रेलवे के साथ मिलकर यात्रियों की सूची तैयार करेगा

  2. स्पेशल ट्रेन दोनों राज्यों की गुजारिश के बाद ही शुरू होंगी, जिन्हें अपने यात्रियों को उनके मंजिल तक पहुंचाना है

  3. जिस राज्य से ट्रेन चल रही है वही यात्रियों की जांच करेगा और मेडिकल फिट लोगों को ही अनुमति मिलेगी

  4. यात्रियों के लिए खाने और पानी का इंतजाम वही राज्य सरकार करेंगी, जहां से ट्रेन शुरू हो रही है

  5. यात्रियों के बीच सामाजिक दूरी और स्टेशन में साफ-सफाई की जिम्मेदारी रेलवे की होगी

  6. लंबी यात्रा की दूरी के दौरान यात्रियों को ट्रेन में ही खाने-पीने की सुविधा रेलवे मुहैया कराएगी

  7. पूरे यात्रा के दौरान ट्रेन में भी मास्क, सामाजिक दूरी और अन्य सभी नियमों का पालन करना होगा

  8. ट्रेन गंतव्य स्टेशन पहुंचने के बाद स्क्रीनिंग, क्वांरटीन सेंटर्स से लेकर आगामी यात्रा तक की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी

  9. रेलवे और राज्य सरकारें इन ट्रेन के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों को बतौर नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगी

  10. इन राज्यों को यात्रियों के आगामी कार्यक्रम के लिए भी बस की सुविधाएं मुहैया करानी होंगी


 


घर वापसी के बाद भी क्वारंटीन



ट्रेन में बैठकर अपने गंतव्य तक पहुंचने के बाद भी स्टेशन पर आपकी जांच की जाएगी। अगर स्क्रीनिंग के दौरान आपमें कोरोना वायरस से जुड़े कोई भी लक्षण नजर आए तो घर की बजाय सीधा अस्पताल भेजा जाएगा और अगर सबकुछ ठीक रहा तो भी घर पहुंचने के बाद 14 दिन के लिए क्वारंटीन यानी पृथक रूप से रहना होगा।


इस जगह से चली पहली ट्रेन


 


केंद्र सरकार के हामी भरने के बाद लॉकडाउन में पहली ट्रेन तेलंगाना से झारखंड के लिए खुली। इस ट्रेन में करीब 1200 प्रवासी मजदूर सवार थे, जो हटिया गए। इतना ही नहीं, शुक्रवार को अलग-अलग रूट पर कुल छह स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। इस लिस्ट में हैदराबाद के लिंगमपल्ली से झारखंड के हटिया, महाराष्ट्र के नाशिक से मध्यप्रदेश के भोपाल, अलुवा से भुवनेश्वर, नाशिक से लखनऊ, जयपुर से पटना और कोटा से हटिया रूट शामिल हैं। रेलवे और राज्य सरकारें इन श्रमिक स्पेशल ट्रेन के समन्वय और सुचारू संचालन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को बतौर नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगी।


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