ग्वालियर चंबल आंचल में अचानक बदला मौसम कही जगह गिरे ओले, फसलों को नुक़सान की आशंका



Gwalior Weather Update: अंचल टीम.ग्वालियर। ग्वालियर चंबल अंचल का मौसम शुक्रवार शाम अचानक बिगड़ गया। तेज आंधी के बाद ग्वालियर के भितरवार के अलावा दतिया, श्योपुर, मुरैना के कुछ क्षेत्रों में ओले गिरे हैं। ओलों के फसलों को नुकसान की आशंका है क्योकि इस समय फसल कटने के लिए तैयार खड़ी है। ग्वालियर शहर में आंधी चली है।

दतिया में गोराघाट क्षेत्र के ग्राम बडौनकलां सहित अन्य आसपास के गांवों में करीब 10 मिनट तक बेर के आकार के ओले गिरे। खेत में पकी खड़ी गेहूं, चना, मटर की फसल को नुकसान होने की संभावना जताई गई है। वहीं कुछ गांवों में फसलों की कटाई भी शुरू हो गई है। जिस पर बारिश का प्रतिकूल असर पड़ेगा।मुरैना के पहाड़गढ़ में दिनभर रही धूप रहने के बाद शाम के समय आसमान में बादल छा गए।

इसके बाद शाम 5 बजे के करीब बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान हल्के आकार के ओले भी देखे गए। लगभग आधा दर्जन गांवों में ओले गिरने है। इस समय खेतों में सरसों की फसल कटी हुई रखी है। मुरैना शहर में भी 15 से 20 मिनट तक हल्की बारिश यहां हुई। श्योपुर के कुछ गांवों में ओलावृष्टि हुई है।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव: मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में बने चक्रवातीय घेरे की वजह से मौसम में बदलाव आ गया। अगले 24 घंटे में बादल छाने के आसार हैं। 22 मार्च के बाद फिर से बारिश के आसार बनेंगे। जम्मू कश्मीर से पश्चिमी विक्षोभ गुजर रहा है। इससे दक्षिण पश्चिम राजस्थान में चक्रवातीय घेरा विकसित है। इस चक्रवातीय घेरे को अरब सागर से नमी मिल रही है। इससे मध्य प्रदेश का मौसम प्रभावित हो गया है। ग्वालियर-चंबल राजस्थान के नजदीक होने की वजह से यहां अधिक असर रहा।

गड़गड़ाते बादलों ने बारिश के साथ बरसाए ओले, फसलों को नुकसान का डर

डबरा-भितरवार में गड़गड़ाते बादल बारिश के साथ ओले भी ले आए। शाम को करीब साढ़े छह बजे चने के आकार के ओले गिरे। यह ओले डबरा क्षेत्र के बिजकपुर और भितरवार के पवाया के अलावा बाजना, भितरवार, गधोठा, लोहड़ी, डोगरपुर, चरखा पचोरा, सहित लगभग दो दर्जन ग्रामों में देसी चने के आकार के ओले गिरे। पवाया सरपंच मुकेश भार्गव, गधौटा निवासी भाजपा नेता उदयभान सिंह रावत ने ने बताया कि अचानक किसानों की खड़ी फसल पर आफत के रूप ओलों की बरसात शुरू गई। जिसका क्रम काफी देर तक चला। उन्होंने बताया कि सड़क पर बेरनुमा ओले दिखाई दे रहे थे। ऐसी स्थिति में किसानों की खड़ी गेहूं, चना, सरसों की फसल पूरी तरह आशंका है।

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