साधु ने मांगे दो रुपए, सम्मोहित कर निकाल ली सोने की अंगुठी
अंबाला शहर : शहर के सेक्टर-7 में स्थित जुगनू ग्रिल के नाम से चाप की दुकान करने वाले प्रतीक अरोड़ा से दो साधुओं ने सम्मोहित कर सोने की अंगूठी निकाल ली। साधुओं ने काम इतनी सफाई से काम किया की दुकान मालिक को पता भी नहीं चला और अंगूठी लेकर चलते बने। कुछ देर बाद दुकान मालिक को इसका अहसास हुआ। उसने जब दुकान के बाहर गली में लगे सीसीटीवी की जांच की तो दोनों साधू जाते हुए नजर आए। इसके बाद प्रतीक अरोड़ा ने सेक्टर-9 थाना पुलिस को इसकी शिकायत दी। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर धरपकड़ शुरू कर दी है।
पहले मांगे दो रुपये फिर बातों में उलझाया
पुलिस को दिये बयानों में चाप की दुकान करने वाले प्रतीक अरोड़ा ने बताया कि मूलरूप से वह रोहतक के सेक्टर-14 का रहने वाला है।
फरवरी माह में वह अंबाला में आ गया था और एक माह पहले ही उसने चाप की दुकान खोली है, जबकि सेक्टर-7 में किराये के मकान में रह रहा है। 18 मार्च की दोपहर 12 बजे उसकी दुकान पर दो साधु बाबा आए, जिन्होंने भगवा वस्त्र धारण किये हुए थे। साधुओं ने पहले उसे दो रुपये देने की बात कही। इसपर प्रतीक ने दो रुपये दे दिये।
इसके बाद साधुओं ने बातों-बातों में उलझाते हुए उसे पर्स दिखाने को कहा। प्रतीक के पर्स दिखाने के बाद साधुओं ने उसे 200 रुपये मांगे तो वो भी दे दिये। मगर प्रतीक ने साधुओं से दो सौ रुपये वापस ले लिये। इसके बाद आरोपित साधुओं ने प्रतीक अरोड़ा को अपना हाथ दिखाने के लिए कहा तो साधुओं ने सम्मोहित कर उसकी सोने की अंगूठी निकाल ली और प्रतीक को पता भी नहीं चला और साधू फरार हो गये।
कुछ देर बाद उसे अंगूठी का अहसास हुआ तो उसने साधुओं की तलाश मगर वे नहीं मिले। इसके बाद सीसीटीवी की जांच की तो उसमें दोनों साधू जाते हुए दिखाई दिये। बताया जा रहा है इस अंगूठी की कीमत करीब 30 से 40 हजार रुपये थी।

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