ग्वालियर : एक दिन में हुए 30 अंतिम संस्कार, करना पड़ा 11 घंटे इंतजार
महाराष्ट्र, छत्तीसगढ, इंदौर, भोपाल की तरह ग्वालियर में भी कोरोना कहर बरपा रहा है। सोमवार की रात 9 बजे लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में कोरोना के 11 मरीजों के शव एक साथ जल रहे थे। इससे पहले सुबह मुक्तिधाम में 19 शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका था। मुक्तिधाम में अब जगह कम पडने लगी है। दो शवों को बिना अंतिम संस्कार कराए वापस भेजना पडा। रात 9 बजकर 45 मिनट पर एक और शव प्राइवेट हास्पीटल से पहुंच गया।
सरकारी दावों और वास्तविक हकीकत को जानने के लिए नईदुनिया की टीम रात 9 बजे लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम पहुंची। यहां 9 चिताएं जमीन पर जलती मिलीं।
लाल हो गई शवदाह की दीवारेंः गैस शवदाह गृह में सुबह से शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, रात होते होते गैस शवदाह की दीवारें भी गर्मी के कारण लाल होने लगी थीं।
एक साथ जल रहीं थी आठ चिताएंः कोरोना महामारी से हुई मौत के बाद 18 मृतकों का अंतिम संस्कार लकडी कंडाें से किया गया, जबकि 12 लोगों का गैस शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया गया।
मुरार मुक्तिधाम में हो सकेगा कोरोना मृतकों का अंतिम संस्कारः कोरोना से मरने वालों की संख्या काफी अधिक पहुंच रही है, हालात यह है कि लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम में जगह कम पड रही है। ऐसे हालात में अब नगर निगम ने मुरार मुक्तिधाम में भी कोरोना से मरने वालों का अंतिम संस्कार कराने की तैयारी कर ली है। नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने सोमवार को मुरार मुक्तिधाम का निरीक्षण किया और वहां पर नए 14 लकडी कंडाे से शवों को जलाने वाले स्थानों को कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वालाें के लिए चिन्हित करने का निर्देश दिया। साथ वहां पर गैस शवदाह गृह बनाने का भी निर्देश दिया है।
वर्जन
कोरोना के कारण काफी मौतें हो रही हैं, शवदाह गृह में अंतिम संस्कार पूरे नहीं हो सकेंगे। इसलिए कर्मचारियों को जमीन पर अंतिम संस्कार करने पड रहे हैं। स्थिति काफी खराब है, सभी को नियमों का पालन करना चाहिए और सुरक्षित रहना चाहिए।
शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त

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