ग्वालियर रेफर किए गए 85 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, आज आएगी कोरोना की रिपोर्ट



 जिला अस्पताल से गुरुवार देर शाम किए गए थे ग्वालियर रेफर, पीपीइ किट पहनकर हुआ अंतिम संस्कार

भिंड। जिला अस्पताल के कोविड आइसीयू वार्ड से ग्वालियर रेफर किए गए 85 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। कोरोना जांच के लिए बुजुर्ग का सैंपल लिया गया था। अब शनिवार को ग्वालियर मेडिकल कालेज से बुजुर्ग की कोरोना की रिपोर्ट आएगी। सैंपल लिए जाने से बुजुर्ग को कोरोना संदिग्ध माना गया था। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार भी पीपीई किट पहनाकर किया गया। जिला अस्पताल से बुजुर्ग के स्वजन को पीपीई किट दे दी गईं थीं। जगराम नगर के श्मशान में शुक्रवार को बुजुर्ग का अंतिम संस्कार हुआ।

31 मार्च को वृंदावन में गिरने से लगी थी चोटः

शहर के चतुर्वेदी नगर निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग स्वजन के साथ होली पर वृंदावन गए थे।

वृंदावन में 31 मार्च को बुजुर्ग को गिरने से चोट लग गई थी। प्राइमरी इलाज कराने के बाद स्वजन उन्हें घर ले आए थे। यहां जिला अस्पताल में उन्हें इलाज के लिए लेकर आए तब बुजुर्ग को श्वांस लेने में परेशानी हो रही थी। कोरोना महामारी के लक्षण दिखाई दिए, इससे जिला अस्पताल की फीवर क्लीनिक में बुजुर्ग का सैंपल कराया गया। सैंपलिंग के बाद बुजुर्ग को जिला अस्पताल के कोविड आइसीयू वार्ड में भर्ती किया गया था। देर शाम उनका आक्सीजन लेबल कम हुआ। उन्हें श्वांस लेने में परेशानी हुई। इसके चलते बुजुर्ग को ग्वालियर जयारोग्य अस्पताल के लिए रेफर किया गया। ग्वालियर जाते समय मेहगांव के पास उनकी मौत हो गई। एंबुलेंस बुजुर्ग के शव को वापस जिला अस्पताल लेकर आई। शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल के डेड हाउस से बुजुर्ग के शव को कोविड गाइड लाइन का पालन कर स्वजन को दिया गया। जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से ही स्वजन को अंतिम संस्कार के लिए पीपीइ किट मुहैया कराई गईं। मीरा कालोनी के पास जगराम नगर स्थित श्मशान घाट में बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया गया।

पीपीई किट पहने लोग ही अंतिम संस्कार में शामिल हुएः

यहां बता दें, श्मशान में शुक्रवार को बुजुर्ग के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया तो सिर्फ वे ही स्वजन अंदर गए, जिन्होंने पीपीई किट पहनी हुई थी। बड़े बेटे ने पीपीई किट पहनकर बुजुर्ग की चिता को दाग दिया। मोहल्ले और आसपास के लोग श्मशान घाट से बाहर खड़े नजर आए।

वर्जनः

बुजुर्ग का सैंपल जांच के लिए भिजवाया है। श्वांस लेने में तकलीफ होने से उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया था। रास्ते में उनकी मौत हो गई। उन्हें कोरोना संदिग्ध मानते हुए अंतिम संस्कार के लिए स्वजन को पीपीइ किट मुहैया कराई गईं थीं।

डा. अनिल गोयल, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल भिंड

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