शर्मनाक : जिला जज के अर्दली के शव को कुत्तों ने नोच डाला, हिंडन पर साढ़े तीन घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार
गाजियाबाद के हिंडन मोक्ष स्थली श्मशान घाट पर नगर निगम की लचर व्यवस्था ने सोमवार को झकझोर कर रख दिया। हिंडन श्मशान घाट में सड़क किनारे बनाए गए अंतिम संस्कार के अस्थायी प्लेटफार्म पर अंत्येष्टि के इंतजार में रखे जिला जज के अर्दली के शव को कुत्तों ने नोच लिया।
अस्थायी अंतिम संस्कार के प्लेटफार्म की कोई फेंसिंग नहीं होने से कुत्ते कवर काटकर शव को नोच कर ले गए। इस घटना के बाद परिजनों के साथ अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहे लोगों ने विरोध जताते हुए मोक्ष स्थली प्रबंधन से मामले की शिकायत की।
गोविंदपुरम निवासी जिला जज के अर्दली की रविवार देररात करीब डेढ़ बजे संतोष अस्पताल में कोरोना से मौत हो गई थी।
फिर हिंडन श्मशान घाट पर पहुंचने के साढ़े पांच घंटे के बावजूद अंतिम संस्कार का नंबर नहीं आया। फिर रातभर जागे और हिंडन श्मशान घाट पर घंटों खड़े परिजन शव को प्लेटफार्म के पास छोड़कर पास में ही छांव में बैठ गए।
तभी बगैर फेंसिंग के सड़क किनारे रखे शव पर कुत्ते झपट पड़े। आननफानन में परिजनों के चिल्लाने और भागकर आने से पहले ही कुत्ते शव का कवर काटकर शव नोच ले गए। इसके बाद परिजनों के श्मशान घाट पर तैनात कर्मचारियों से जमकर बहस हुई।
साथ ही पास में अंतिम संस्कार के लिए इंतजार कर रहे लोगों ने भी घटना के बाद जमकर विरोध जताया। बीसी बीच बीमार चल रहे मृतक के बेटे की भी तबियत बिगड़ने लगी। ऐसे में श्मशान घाट पर लचर व्यवस्था के कारण इस घटना के भी साढ़े तीन घंटे बाद बाद शाम को उनका अंतिम संस्कार हुआ।
सड़क किनारे बगैर फेंसिंग के हरित पट्टी में बना दिए हैं प्लेटफार्म
हिंडन मोक्ष स्थली श्मशान घाट पर कुत्तों के शव को नोचने की घटना से नगर निगम की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। हिंडन श्मशान घाट पर विद्युत शवदाह गृह की ओर जाने वाली सड़क के किनारे नगर निगम ने हरित पट्टी में आधा दर्जन से अधिक अंतिम संस्कार के अस्थायी प्लेटफार्म बनाए हैं।
इन अस्थायी प्लेटफार्म पर न तो कोई शेड है। और ना ही बराबर में कोई लोहे की फेंसिंग की गई है। साथ ही हरित पट्टी में शवों को जलाए जाने के कारण पास में लगे सभी पेड़ झुलस चुके हैं। प्लेटफार्म के बराबर फेंसिंग नहीं होने के चलते आवारा कुत्तों से शवों को खतरा बना रहता है। निगम की इसी लापरवाही के चलते सोमवार को शव को कुत्तों के नोचने की घटना घट गई।
घंटों में हो पा रहा अंतिम संस्कार हिंडन श्मशान घाट पर कोरोना के मरीजों के आ रहे शवों के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कोरोना से हुई मौत के बाद जिला जज के अर्दली का हिंडन श्मशान घाट पर करीब नौ घंटे के बाद अंतिम संस्कार हो सका। शवों के अंतिम संस्कार के लिए टोकन मिलने के बाद करीब दो से ढाई घंटे में लकड़ी उपलब्ध हो पा रही है।
सोमवार को श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार में हुई देरी पर परिजनों ने प्रबंध तंत्र से खूब नाराजगी जताई। नगर निगम की ओर से इंदिरापुरम, करहेड़ा और रजापुर में आम शवों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बावजूद हिंडन श्मशान घाट पर व्यवस्था ठीक होने का नाम नहीं ले रही है।
घटना की जानकारी मुझे मिली है। मामले की पूरी पड़ताल की जा रही है। ऐसी घटना फिर न हो, इसके लिए हिंडन श्मशान घाट के अस्थाई प्लेटफार्म की फेंसिंग कराई जाएगी। -प्रमोद कुमार, अपर नगर आयुक्त

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