मुरैना: आरक्षक हरेंद्र जाट साबरमती नदी में कूदने वाली आयशा के वीडियो देखता था
-घटना से पहले पिता को भी भेजा था वीडियो
मुरैना यातायात थाना परिसर में बने कमरे में फांसी लगाने वाले आरक्षक हरेन्द्र सिंह जाट ने आत्महत्या क्यों की, दो दिन बीतने के बाद भी पुलिस इसका पता नहीं लगा पाई है परंतु जांच में बता चला है कि आरक्षक बीते कई दिन से मोबाइल पर अहमदाबाद की साबरमती नदीं में कूदकर आत्महत्या करने वाली आयशा खान का वीडियो देखा करता था। घटना से पहले मथुरा में रहने वाले पिता को भी यह वीडियो भेजा था।
यातायात थाना परिसर में शनिवार-रविवार की रात मंदिर के बगल वाले कमरे में 24 वर्षीय आरक्षक का शव फांसी पर लटका मिला था। दोनों हाथ बंधे हुए थे व मुंह में कपड़ा ठुंसा हुआ था।
ये कहा गया है अहमदाबाद वाली वीडियो में: आयशा खान के वीडियो में वह क रही है, खुदा की जिंदगी बस इतनी ही होती है। मुझे घर, परिवार, माता-पिता, दोस्त सब अच्छे मिले। मैं हवाओं की तरह हूं, बस बहते रहना चाहती हूं, किसी के लिए नहीं रुकना। मैं खुश हूं जिन सवालों के जवाब चाहिए थे वो मिल गए। मुझे जिसको जो बताना था, बता चुकी हूं। ......
पुलिस सम्मान के साथ नहीं पहुंचा शव, स्वजन नाराजः हरेन्द्र सिंह 2018 में पुलिस में भर्ती हुआ था, लेकिन उसके शव को जिस तरह गृह गांव उत्तर प्रदेश के लठागुरी भेजा गया, उससे स्वजन नाराज हैं। मृतक के भाई सुशील सिंह जाट का कहना है कि हरेन्द्र सिंह को बेहतर कार्य के लिए साल 2020 के गणतंत्र दिवस पर प्रभारी मंत्री, कलेक्टर व एसपी ने सम्मानित किया और प्रशस्ति पत्र दिया था, इसके बाद भी उसके शव को पुलिस कर्मचारी की तरह सम्मान के साथ घर नहीं भेजा गया। वहीं घटना क ेसमय भी उसके बैग, डायरी व अन्य पर्सनल सामान को पुलिस ने स्वजनों के आने से पहले ही खोल लिया। साथी पुलिसकर्मी कौन हैं जिसके बारे में हरेन्द्र ने परेशान करने की बात लिखी है।
वर्जन
- सुसाइड नोट में यही लिखा है कि कुछ साथी परेशान करते थे, यह कौन से साथी थे और क्या परेशानी दे रहे थे, इसकी जांच चल रही है। आरक्षक हरेन्द्र सिंह कई दिन से मोबाइल पर दिनभर एक ही वीडियो देखता था, यह वीडियो उसने मरने से कुछ समय पहले अपने पिता को भी भेजी थी।
सुनील कुमार पांडेय, एसपी, मुरैना

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