ग्वालियर : अब इलाज-इंतजाम बड़ी चुनौती, अभी हजार भी नहीं बेड क्षमता
कोरोना के बढ़ते और चिंताजनक आंकड़ाें के कारण अब ग्वालियर में इलाज और इंतजाम बड़ी चुनौती होगी। जितनी तेजी से कोरोना बढ़ रहा है,फिलहाल व्यवस्थाएं उतनी तेजी से नहीं हाे रही हैं। ग्वालियर में निजी और सरकारी मिलाकर अभी 863 बेड संख्या है, इसमें 33 प्रतिशत बेड भरे हुए हैं।
सात अप्रैल 2021 की स्थिति में जिले में 284 बेड भरे हुए हैं और 579 खाली है। ग्वालियर में अभी एक हजार के भीतर ही बेड संख्या है। उधर जेएएच में अब हर सात दिन में 1000 से 1200 ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत हो रही है, जबकि यह खपत फरवरी तक शून्य थी। सुपर स्पेशियलिटी में लगाए गए ऑक्सीजन टैंकरों में सात दिन में एक टैंकर खाली हो रहा है।
सरकारी अस्पतालों में बेड की स्थितिः
जेएएच सुपर स्पेशियलिटी: कुल बेड 280 खाली 194
आयुर्वेदिक अस्पताल: कुल बेड 36 खाली 36
जिला अस्पताल ग्वालियर: कुल बेड 98 खाली 58
मिलिट्री अस्पताल ग्वालियर: कुल बेड 50 खाली 41
निजी अस्पतालों की बेड स्थिति
केडीजे अस्पताल मुरार: कुल बेड 50 खाली 39
कल्याण मल्टी स्पेशियलिटी: कुल बेड 80 खाली
आरजेएन अपोलो: कुल बेड 50 खाली 7
श्रीकृष्ण अस्पताल: कुल बेड 15 खाली 15
ग्लोबल अस्पताल: कुल बेड 6 खाली 4
लोटस अस्पताल: कुल बेड 25 खाली 21
बीआइएमआर: कुल बेड 60 खाली 51
परिधि अस्पताल: कुल बेड 10 खाली 2
नारायण अस्पताल: कुल बेड 13 खाली 8
चंद्र अस्पताल: कुल बेड8 खाली 6
ब्रहाणी अस्पताल: कुल बेड 10 खाली 5
सिम्स अस्पताल: कुल बेड 30 खाली 24
लिंक अस्पताल: कुल बेड 27 खाली 12
मानसरोवर अस्पताल: कुल बेड 15 खाली 14
फरवरी में ऑक्सीजन की जरूरत नहीं थी,अब सात दिन में 1200 सिलिंडरः ऑक्सीजन को लेकर ग्वालियर में फिलहाल कोई कमी नहीं है। जेएएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में फरवरी में ऑक्सीजन का कोई उपयोग नहीं हो रहा था। अब सात दिन में एक हजार से 1200 सिलिंडर की खपत हो रही है। जहां सेंट्रलाइज्ड सिस्टम नहीं है, वहां पहले 250 सिलिंडर का उपयोग हो रहा था और अब संख्या तीन सौ हो गई है। सुपर स्पेशियलिटी में चार ऑक्सीजन टैंकर हैं, एक टैंकर में एक हजार से 1200 सिलिंडर की क्षमता है। एक टैंकर अब सात दिन में खाली हो रहा है।

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