मध्य प्रदेश : एक्टिव केस 1 लाख के पार, दैत्यों की तरह बढ़ते जा रहे हैं आंकड़े


 भोपाल। मध्यप्रदेश में अब ऐसा कोई सामाजिक नागरिक नहीं जिसकी जान पहचान में, नाते रिश्तेदारों में कुछ लोगों की मृत्यु ना हुई हो। कुछ सामाजिक लोग तो इसलिए डिप्रेशन में आ रहे हैं क्योंकि उन्हें हर रोज किसी ना किसी परिचित के निधन का समाचार सुनना पड़ रहा है। सरकार ने काफी कोशिश की लेकिन आंकड़ों ने बढ़ना बंद नहीं किया। आज मध्य प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या 102486 हो गई है। पिछले 24 घंटे में 11598 नागरिक पॉजिटिव पाए गए जबकि मात्र 4445 लोग अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में 90 लोगों की मौत दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश में सबसे खतरनाक स्थिति वाले जिलों की संख्या 33 (2 जिले बढ़ गए)

इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम, उज्जैन, सागर, रीवा, खरगोन, बैतूल, धार, विदिशा, सतना, शिवपुरी, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, सीहोर, शहडोल, कटनी, बड़वानी, रायसेन, सिंगरौली, मुरैना, राजगढ़, अनूपपुर, मंदसौर, सीधी, नीमच, दमोह, टीकमगढ़, पन्ना, दतिया और उमरिया ऐसे जिले हैं जहां कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों की संख्या 1000 से अधिक चल रही है।

इंदौर में 13000, भोपाल 12000, ग्वालियर 9000 और जबलपुर 4500 से अधिक के साथ सबसे खतरनाक स्थिति में है।

मध्य प्रदेश के 6 जिले जहां स्थिति नियंत्रण में है

बुरहानपुर, भिंड, अलीराजपुर, खंडवा, देवास और छिंदवाड़ा मध्यप्रदेश के ऐसे जिले हैं जहां एक्टिव केस की संख्या 500 से कम है। निश्चित रूप से इन जिलों में कलेक्टर एवं तमाम कोरोना कंट्रोल टीम सफलतापूर्वक काम कर रही है। यह सभी अभिवादन के पात्र हैं।

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