सिर्फ इन 5 देशो के पास है हाइड्रोजन बम बनाने की शक्ति जाने कौनसे है वो देश
हम आपको दुनिया के पांच देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके पास हाइड्रोजन बम बनाने में विशेषज्ञता है। जो पूरी दुनिया को तबाह करने की ताकत रखते हैं। लेकिन अब आप सोच रहे होंगे कि ये हाइड्रोजन बम क्या है? तो आइए आपको बताते हैं कि हाइड्रोजन बम क्या है?
दुनिया का पहला हाइड्रोजन बम परीक्षण
1 मार्च 1954 को अमेरिका ने हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया। यह तारीख इतिहास में दुनिया में पहली हाइड्रोजन बम परीक्षण के दिन के रूप में दर्ज की गई है। यह मानव इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा विस्फोट था। यह इतना शक्तिशाली था कि यह हिरोशिमा को नष्ट करने वाले परमाणु बम से हजार गुना अधिक शक्तिशाली था। इस विस्फोट के प्रभाव का आकलन करने वाले उपकरण भी इसकी तीव्रता को मापने में विफल रहे।हाइड्रोजन बम कितना खतरनाक है?
इस बम में परमाणु बम से अधिक विनाश का कारण बनने की क्षमता है। क्योंकि यह परमाणु बम की तुलना में अधिक ऊर्जा जारी करता है। जिसके कारण यह परमाणु बम की तुलना में 1000 गुना अधिक विनाश का कारण बन सकता है। इसका आकार परमाणु बम की तुलना में बहुत छोटा है। आज तक किसी युद्ध में इसका इस्तेमाल नहीं किया गया। जबकि अमेरिका-जापान युद्ध में परमाणु बम का इस्तेमाल किया गया है। जिसे अमेरिका ने जापान के नागासाकी और हिरोशिमा पर गिरा दिया। जिसमें लगभग 2,50,000 लोग मारे गए थे।
इन 5 देशों के पास हाइड्रोजन बम है
दुनिया के केवल पांच देशों में हाइड्रोजन बम की शक्ति है। इसमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन के नाम शामिल हैं। लेकिन अब इन देशों की सूची में उत्तर कोरिया का नाम भी शामिल हो रहा है।
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