चार्टर प्लेन के बारे में जानें सब कुछ एक बार में...

 


आपने कई लोगों को बात-बात में यह कहते हुए सुना होगा कि इतना अमीर होना है कि खुद की चार्टर प्लेन हो. कई ​जानी-मानी हस्तियों और सिलेब्रिटी को चार्टर फ्लाइट की फोटो व तस्वीर देखकर लोग आहें भरते, काश! मेरी लाइफ में भी कभी ऐसा मौका मिलता. हम आपको चार्टर फ्लाइट में सफर करने का मौका तो नहीं दे सकते, लेकिन इसके बारे में ऐसी बहुत सी जानकारी जरूर देंगे जिनके बारे में आप लंबे समय से जानना चाहते हैं. ​आखिर एक चार्टर प्लेन की कीमत कितनी होती है? कैसा होता है इसमें ऐशो-आराम से सफर करना है? इसके अंदर कौन सी खास सुविधाएं मिलती हैं? क्या इसे अपनी गाड़ी की तरह ही कहीं भी ले जा सकते हैं? आइए जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब…

इस बारे में पूरी जानकारी से पहले तो यह जान लेते हैं कि क्या प्राइवेट जेट और चार्टर फ्लाइट एक ही होते हैं?

प्राइवेट जेट में 4 से 18 सीटें होती हैं. जबकि चार्टर फ्लाइट में 8 सीटर प्राइवेट जेट या 180 सीटों वाली एयरलाइनर भी हो सकती है. चार्टर फ्लाइट किराये पर ली गई फ्लाइट होती है, जोकि रेगुलर रूटिंग के लिए शेड्यूल नहीं होती है. जब पूरी प्लेन ही किराये पर दी जाती है तो उसे चार्टर फ्लाइट कहते हैं. चार्टर फ्लाइट्स कई तरह के होते हैं. चार्टर फ्लाइट आमतौर पर किसी टूर, ग्रुप ट्रैवल, खास इवेंट ​आदि पर यूज़ होते हैं. लेकिन एक प्राइवेट जेट पर किसी एक व्यक्ति या कंपनी का पूरा कंट्रोल होता है. प्राइवेट जेट के मालिक के पास इनके शेड्यूल और समय आदि का पूरा कंट्रोल होता है.

क्या इनसे कभी भी कहीं भी उड़ान भर सकते हैं?

अगर फ्लाइट में सभी लोग भारतीय हैं तो उड़ान भरने की प्रक्रिया बहुत आसान होती है. सिविल या डिफेंस एयरपोर्ट्स के लिए इन फ्लाइटों को 2 से ​3 घंटे के अंदर उड़ान भरने के लिए तैयार कर लिया जाता है. लेकिन, इनमें कोई विदेशी व्यक्ति है तो इसके लिए अलग से जरूरी मंजूरी लेनी होती है. मंजूरी की इस प्रक्रिया में 1 से 7 दिन तक का समय लगता है.

कॉमर्शियल फ्लाइट की तुलना में इन फ्लाइट्स पर कितना खर्च होता है?

कॉमर्शियल फ्लाइट की तुलना में इनपर बहुत ज्यादा खर्च होता है. अगर कोई सेकेंड हैंड प्राइवेट जेट खरीदता है तो उन्हें 30 लाख डॉलर तक खर्च करनी पड़ सकती है. हेवी जेट के मामले में यह खर्च 50 लाख डॉलर तक होती है. हालांकि, कम से कम 1.5 लाख रुपये प्रति घंटे के हिसाब से भी कोई जेट किराये पर ली जा सकती है. किराये के लिए जेट और जरूरत के हिसाब कीमत चुकानी होती है. इनका किराया घंटे के हिसाब से लिया जाता है.

अगर आप दिल्ली से मुंबई के बीच कॉमर्शियल प्लेन के बिजनेस क्लास में सफर करते हैं तो इसके लिए आपको 1 लाख रुपये खर्च करने होंगे. लेकिन अगर आप किसी प्राइवेट जेट में सफर करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको कम से कम 10 लाख रुपये खर्च करने होंगे. हालांकि, प्राइवेट जेट का खर्च कई बातों पर निर्भर करता है. यह एयरक्राफ्ट की उपलब्धता, एयरपोर्ट लैंडिंग फीस, फ्लाइट के समय आदि पर निर्भर करता है.

प्राइवेट जेट में कौन सी खास सुविधाएं मिलती हैं?

प्राइवेट जेट की एक सबसे खास बात यह है कि इसमें आपको प्राइवेसी मिलती है यानी इसमें केवल आप और आपका ग्रुप ही ट्रैवल करता है. इसके लिए आपको न तो कतार में खड़ा होना होगा और न ही चेक-इन बैगेज की लिमिट का झंझट होगा. कई जगहों पर तो प्राइवेट फ्लाइट कि लिए टर्मिनल भी अलग होते हैं. इसमें आप अपने पेट्स को भी ले जा सकते हैं. प्राइवेट जेट में आप कहीं भी ट्रैवल कर सकते हैं. एक ही दिन में कई जगहों पर जाना हो तो भी इससे ट्रैवल करना आसान होता है.

आप अपने शेड्यूल के हिसाब से उड़ान की टाइमिंग तय कर सकते हैं. आपको टेकऑफ से बस कुछ समय पहले ही एयरपोर्ट पहुंचना होगा. इसके इंटीरियर को बहुत आरामदायक और लग्जरी बनाया गया होता है. प्राइवेट जेट में मनपसंद खाने की चॉइस होती है. कॉमर्शियल एयरलाइंस की तुलना में प्राइवेट जेट्स कहीं ज्यादा एयरपोर्ट्स से ऑपरेट किए जाते हैं. किराये पर प्राइवेट जेट या चार्टर फ्लाइट की सुविधा देने वाली कंपनियां अपने क्लाइंट की पूरी जानकारी बेहद प्राइवेट रखती हैं. उनकी कंपनी में ही चंद लोगों को पता है कि किस फ्लाइट में कौन ट्रैवल कर रहा है.

इन फ्लाइट्स में किस तरह का खाना/एल्कोहल सर्व किया जाता है?

DGCA की गाइडलाइंस के मुताबिक, डोमेस्टिक फ्लाइट्स में एल्कोहल कभी नहीं सर्व किया जा सकता है. प्राइवेट उड़ानों पर भी यह नियम लागू होता है. हालांकि, एयरक्राफ्ट और क्लाइंट के आधार पर खाने में कई तरह की वेराइटी होती है. प्लेन किराये पर देने वाली कंपनियां अपने रेगुलर क्लाइंट्स के पसंद-नापसंद का भी ख्याल रखती हैं. कई बार वे क्लाइंट के फेवरेट रेस्टोरेंट से भी खाने का प्रबंध करती हैं.

क्या इन फ्लाइट्स के लिए केबिन क्रू को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है?

हां, इन फ्लाइट्स में क्लाइंट के आराम और अन्य जरूरतों को देखते हुए केबिन क्रू को विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती है. पैसेंजर सुरक्षा का उन्हें खास ध्यान रखना होता है.

क्या इन फ्लाइट्स में एंटरटेनमेंट और WiFi की सुविधा होती है?

यह पूरी तरह से एयरक्राफ्ट पर ​निर्भर करता है. सामान्य तौर पर छोटे एयरक्राफ्ट्स में कम सुविधाएं मिलती हैं. मिड-साइज और हेवी जेट्स में बेहतर एंटरटेनमेंट सिस्टम की सुविधा मिलती है. लंबी दूरी की यात्रा से पहले कंपनियां इस बात का ख्याल रखती हैं कि क्लाइंट के पसंद की फिल्में/शो उपलब्ध रहे.

क्या ये फ्लाइट्स सामान्य एयरपोर्ट से उड़ान भरती हैं या इनके लिए कोई खास व्यवस्था होती है?

कुछ शहरों में चार्टर फ्लाइट ऑपरेशन के लिए विशेष टर्मिनल होता है. लेकिन, अन्य एयरपोर्ट्स पर केवल VVIP सुविधा मिलती है. मुंबई में चार्टर फ्लाइट्स को कॉरपोरेट एविएशन टर्मिनल, कलिना में इन फ्लाइट्स के लिए विशेष सुविधा मिलती है. इसके अलावा यहां चार्टर फ्लाइट्स के यात्रियों के लिए डेडिकेटेड लाउंज, सिक्योरिटी व इमिग्रेशन एरिया है. बेंगलुरु में अधिकतर चार्टर फ्लाइट HAL एयरपोर्ट से ऑपरेट की जाती हैं.

इन फ्लाइट्स में मेडिकल सुविधाएं क्या मिलती हैं?

मेडिकल मरीजों को खासतौर से तैयार किए गए एयरक्राफ्ट में ले जाया जाता है. इन फ्लाइट्स में क्रू मेंबर्स में मेडिकल क्षेत्र के लोग भी होते हैं. साथ ही इनमें ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटीलेटर आदि की सुविधा दी जाती है. मरीज की हालत के आधार पर इनका इस्तेमाल किया जाता है.

क्या एक ही बार बल्क में फ्लाइंग टाइम खरीद सकते हैं? क्या मेंबरशिप प्रोग्राम भी मिलता है क्या?

हां, इसके लिए कई तरह के विकल्प मौजूद हैं. यह सुविधा इस बात पर ​निर्भर करती है कि आप किस एविएशन कंपनी के साथ ट्रैवल कर रहे और आपको किन सुविधाओं की जरूरत है. कई बार इस तरह के प्रोग्राम के लिए मेंबरशिप प्रोग्राम का सहारा लिया जाता है. खुद के प्राइवेट जेट खरीदने और उसे मेंटेन करने की तुलना में मेंबरशिप खरीदना सस्ता होता है.

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