ग्वालियर: पार्ट टाइम में महंगी साइकिल चुराने का करता था धंधा, और साथ में करता था फैक्ट्री में काम


 ग्वालियर, कोरोना संक्रमण में अपने स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए साइकिल का प्रयोग बढ़ा तो चोरों की भी मौज हो गई। महंगी साइकिलें रेसिंग-गियर वाली चलन में हैं और इनकी चोरी पर पुलिस रिपोर्ट लिखने की बजाय टरका देती है। रविवार को पुलिस ने शिंदे की छावनी निवासी आकाश बाथम को पकड़ा है। जिसमें पिछले छह महीने में 28 रेसिंग साइकिल चुराकर कौड़ियों के दाम बेच दीं।

आकाश महज 500-100 रुपये में साइकिल बेच देता था, जिनकी बाजारू कीमत 10 से 25 हजार तक होती है। खुद आकाश ने ही खुलासा किया कि बाइक की अपेक्षा चोरी की साइकिलें आसानी से बिक जाती हैं। साइकिल खरीदने वाला रसीद भी नहीं मांगता है। अधिकांश लोग साइकिल चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं कराते हैं। पुलिस साइकिल चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय, केवल आवेदन लेकर टरका देती है।

दो साइकिल ले जा रहा था, पूछने पर सकपका गया

बहोड़ापुर थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि सुबह लाकडाउन के दौरान एक युवक एक साथ दो साइकिलें ले जाता नजर आया। संदेह होने पर साइकिलों के संबंध में पूछा तो वह सकपका गया। उसने दोनों साइकिल गिराकर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने पीछा कर युवक को पकड़ लिया। थाने लाकर युवक से पूछताछ की तो उसने बहोड़ापुर व इंदरगंज क्षेत्र से पिछले छह माह में 28 साइकिलें चोरी करना कुबूल किया है।

अब मालिकों की तलाश

पुलिस ने चोर आकाश बाथम की सुरागदेही पर शाम तक 20 साइकिलें बरामद कर ली हैं। पुलिस आठ अन्य चोरी की साइकिलें बरामद करने का प्रयास कर रही है। पुलिस अब साइकिल मालिकों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

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