पोरसा मे बस स्टैंड ना होने से यात्रियों को होती है परेशानी
पोरसा संवाददाता यूपी सिंह
ना बस स्टैंड है, ना यात्रियों के बैठने की कोई व्यवस्था, ना कोई सुविधा, क्या करे बेचारा यात्री, गर्मी चरम पर शहर में नहीं है एक भी प्याऊ
पोरसा, शहर पोरसा में कोई बस स्टैंड नहीं है जो बस स्टैंड था वह शासन ने बेच दिया यात्री कहां बैठे, दोपहर में धूप तेज होने लगी , यहां से एक रूठ अटेर,इटावा ,कानपुर ,के लिए गया हुआ है, दूसरा रोड गोरमी, मेंहगांव,भिंड, के लिए गया हुआ है, तीसरा रूठ अम्बाह, मुरैना, ग्वालियर, आगरा के लिए गया हुआ है इन तीनों बड़े मार्गों पर लगभग एक सैकड़ा के करीब बसे संचालित होती हैं भिंड साइड के यात्री साधु सिंह चौराहे पर रूकते हैं अटेर इटावा के लिए यात्री अटेर रोड स्थित सब्जी मंडी चौराहे के पास बैठते हैं अंबाह मुरैना ग्वालियर के यात्रियों के लिए और नए बस स्टैंड के पास यात्री बैठते हैं यहां रुकने का कोई स्थान नहीं है जो था वह शासन ने बेच दिया लोग यात्रा करने के लिए कहां रूके,, प्रशासन को इसकी कोई चिंता नहीं है एक भी यात्री प्रतीक्षालय नहीं बना है जबकि बसों पर यात्रीकर लगता है आज ना तो बसों के रूकने की व्यवस्था है और ना ही यात्रीयो की गर्मी तेज होने लगी है ऐसे में यात्री क्या करे,,शहर के अन्दर एक भी प्याऊ नहीं लोग परेशान हरी शरण तिवारी का कहना है कि शासन को बस स्टेंड बेचने से पहले यात्रीयो का ध्यान रखना चाहिए था, पहिले यात्री प्रतीक्षालय बनाना था उसके बाद बेचना था,
महावीर जैन अध्यक्ष व्यापार संघ पोरसा का कहना है कि शासन इतनी गरीब हो गई,कि दान पत्र की बस स्टैंड वाली जगह बेच कर यात्रीयो को परेशान कर दिया , दुकान दार दुकान के सामने बैठने नहीं देते ऐसे में यात्री क्या करे
मयंक सिंह तोमर एडवोकेट का कहना है कि पोरसा से हजारों यात्री यात्रा पर निकलते हैं उनकी परेशानी का ध्यान रख कर पोरसा तीन यात्री प्रतीक्षालय बनाना चाहिए
सी एम ओ अमजद गनी का कहना है कि शहर के अंदर प्याऊ की व्यवस्था शीघ्र की जा रही है

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