गाजा पट्टी में इजराइल के हवाई हमले जारी, नेतन्याहू ने अमेरिकी दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया
गाजा सिटी : इजराइल ने बृहस्पतिवार तड़के गाजा पट्टी में कई हवाई हमले किए जिसमें कम से कम एक फलस्तीनी मारा गया और कई अन्य घायल हो गए।
यह ताजा हमले तब हुए है जब इससे पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा के उग्रवादी हमास शासकों के खिलाफ आक्रमण कम करने के अमेरिकी दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया. हमास ने इजराइल में हजारों रॉकेट दागे हैं.
गाजा सिटी के मध्य शहर दिएर अल-बलाह और दक्षिण शहर खान युनूस विस्फोटों की आवाज से गूंज उठे. खान युनूस में कम से कम पांच मकान ध्वस्त हो गए.
इजराइली सेना ने बताया कि उसने हमास कमांडरों के कम से कम चार मकानों को निशाना बनाया है, साथ ही ''सैन्य ढांचे'' को भी निशाना बनाया है.
इजराइल के हवाई हमले में खान युनूस में खावाल्दी परिवार का दो मंजिला मकान ढह गया, उसमें रह रहे 11 लोग घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक
दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं
हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.
इजराइल और फलस्तीन के बीच बीते 10 दिन से चल रही भीषण लड़ाई के मद्देनजर "तनाव में महत्वपूर्ण कमी" लाने की अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन की अपील के बावजूद नेतन्याहू ने गाजा पट्टी पर सैन्य अभियान जारी रखने का बुधवार को संकल्प लिया. यह गत हफ्ते लड़ाई शुरू होने के बाद से दो करीबी सहयोगी देशों के बीच सार्वजनिक दरार की पहली घटना है. नेतन्याहू के इस बयान से संघर्ष विराम पर पहुंचने के अंतरराष्ट्रीय प्रयास जटिल हो सकते हैं.
नेतन्याहू ने सैन्य मुख्यालय के दौरे के बाद कहा कि वह 'अमेरिका के राष्ट्रपति के सहयोग की बहुत सराहना करते हैं', लेकिन उन्होंने कहा कि 'इजराइल के लोगों को शांति एवं सुरक्षा वापस दिलाने के लिए' देश अभियान जारी रखेगा.
उन्होंने कहा कि वह ''अभियान का मकसद पूरा होने तक उसे जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
नेतन्याहू के इस बयान से कुछ ही देर पहले बाइडन ने नेतन्याहू से "तनाव में महत्वपूर्ण कमी" लाने की अपील की थी.
दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के बारे में व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान के अनुसार, यह अमेरिका के किसी सहयोगी पर बाइडन की तरफ डाला गया अब तक का सबसे कठोर सार्वजनिक दबाव है। इसमें कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने टेलीफोन पर हुई बातचीत में नेतन्याहू से "संघर्ष विराम के रास्ते" की तरफ बढ़ने को कहा।
मिस्र के मध्यस्थ भी लड़ाई रोकने के लिए काम कर रहे हैं और मिस्र के एक राजनयिक ने कहा कि शीर्ष अधिकारी संघर्ष विराम की पेशकश पर इजराइल के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
हमास के एक शीर्ष अधिकारी मूसा अबू मर्जुक ने एक लेबनानी टीवी से कहा कि उन्हें एक या दो दिन में संघर्ष विराम की उम्मीद है.
जर्मनी के विदेश मंत्री हीको मास इजराइली और फलस्तीनी नेताओं से बात करने के लिए बृहस्पतिवार को क्षेत्र में आ सकते हैं। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इजराइल के लिए 'एकजुटता और समर्थन जताने' के वास्ते आमंत्रित किए जाने के बाद स्लोवाकिया और चेक गणराज्य के विदेश मंत्री भी उनके साथ आएंगे.
इजराइल और हमास के बीच लड़ाई 10 दिन पहले शुरू हुई जब उग्रवादी समूह ने यरुशलम पर लंबी दूरी के रॉकेट दागे। इससे पहले अल-अक्सा मस्जिद में फलस्तीनी प्रदर्शनकारियों और इजराइली पुलिस के बीच झड़पों से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी.
इसके बाद इजराइल ने हमास को निशाना बनाते हुए सैकड़ों हवाई हमले किए। हमास और अन्य उग्रवादी समूहों ने इजराइली शहरों में 4,000 से अधिक रॉकेट दागे.
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 64 बच्चों और 38 महिलाओं समेत कम से कम 227 फलस्तीनी मारे गए और 1,620 लोग घायल हैं.
हमास और इस्लामिक जिहाद ने कम से कम 20 लड़ाकों के मारे जाने की बात कही है जबकि इजराइल का कहना है कि कम से कम 130 लड़ाके मारे गए हैं। करीब 58,000 फलस्तीनी अपने घरों को छोड़कर जा चुके हैं.
इजराइल में पांच साल के लड़के, 16 साल की लड़की और एक सैनिक समेत 12 लोगों की मौत हुई है.
अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक
क्यों न्यूज़ मीडिया संकट में है और कैसे आप इसे संभाल सकते हैं
आप ये इसलिए पढ़ रहे हैं क्योंकि आप अच्छी, समझदार और निष्पक्ष पत्रकारिता की कद्र करते हैं. इस विश्वास के लिए हमारा शुक्रिया.
आप ये भी जानते हैं कि न्यूज़ मीडिया के सामने एक अभूतपूर्व संकट आ खड़ा हुआ है. आप मीडिया में भारी सैलेरी कट और छटनी की खबरों से भी वाकिफ होंगे. मीडिया के चरमराने के पीछे कई कारण हैं. पर एक बड़ा कारण ये है कि अच्छे पाठक बढ़िया पत्रकारिता की ठीक कीमत नहीं समझ रहे हैं.
हमारे न्यूज़ रूम में योग्य रिपोर्टरों की कमी नहीं है. देश की एक सबसे अच्छी एडिटिंग और फैक्ट चैकिंग टीम हमारे पास है, साथ ही नामचीन न्यूज़ फोटोग्राफर और वीडियो पत्रकारों की टीम है. हमारी कोशिश है कि हम भारत के सबसे उम्दा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बनाएं. हम इस कोशिश में पुरज़ोर लगे हैं.
दिप्रिंट अच्छे पत्रकारों में विश्वास करता है. उनकी मेहनत का सही वेतन देता है. और आपने देखा होगा कि हम अपने पत्रकारों को कहानी तक पहुंचाने में जितना बन पड़े खर्च करने से नहीं हिचकते. इस सब पर बड़ा खर्च आता है. हमारे लिए इस अच्छी क्वॉलिटी की पत्रकारिता को जारी रखने का एक ही ज़रिया है- आप जैसे प्रबुद्ध पाठक इसे पढ़ने के लिए थोड़ा सा दिल खोलें और मामूली सा बटुआ भी.
अगर आपको लगता है कि एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें. आपका प्यार दिप्रिंट के भविष्य को तय करेगा.
शेखर गुप्ता
संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें